Tuesday, May 05, 2009
योगासनों और प्राणायाम के बीच सम्बन्ध - Correlation between Yoga and Pranayam
योगासनों और प्राणायाम के बीच घनिष्ट सम्बन्ध है प्राणायाम करने के लिए साधक को सर्वप्रथम पद्मासन ,स्वस्तिकासन और सुखासन जैसे आसन सिद्ध करने चाहियेजब आप किसी भी आसन पर लगभग तीन घंटों तक शरीर को तनिक भी हिलाए बिना बैठ सकें तभी उस आसन पर सिद्धि या प्रभुत्व पा लिया है - ऐसा कहा जा सकता है / प्रारंभ में ऐसा करना बड़ा कठिन लगेगा ,इसलिए पहले स्वानुकूल आसन लेकर अनुलोम - विलोम प्राणायाम करें धीरे धीरे प्राणायाम के साथ - साथ आसन पर भी प्रभुत्व आ जाएगा /इस प्रकार आसनों पर प्राप्त प्रभुत्व प्राणायाम करने में अत्यन्त सहायक सिद्ध होगा /इसी प्रकार योगासनों के साथ योग्य मात्रा में पूरक ,रेचक और कुम्भक (ये तीन प्राणायाम के प्रकार हैं ) किए जाएँ तो योगासनों का प्रभाव अत्यन्त बढ़ जाता है / आसन करने में और उनकी स्तिथि का निर्वाह करने में भी प्राणायाम का ज्ञान सहायक बनता है योगासन और प्राणायाम के द्वारा फेफडों का योग्य ढंग से विस्तारण और संकुचन किया जा सकता हैफल्स्वरूप फेफडों को अधिक प्राणवायु प्राप्त होती है , शरीर निरोगी बनता है और मन प्रफुल्लित रहता है इसलिए योगासनों का अभ्यास करने वाले व्यक्ति को कम से कम प्राणायाम का सामान्य ज्ञान आवश्यक है
Tuesday, October 16, 2007
Sheershasan - some more light
I began on Sheershasan some months back and I am hopeful that this post is going to be a detailed and thorough review on this Yoga pose that impresses me the most. First we'll begin with hindi version and below that you'll have it all translated in English too.
शीर्षासन
'शीर्ष' अर्थात 'सिर' या 'मस्तिष्क' l इस योगासन को करते समय पूरा शरीर सिर के आधार पर टिकाना और स्थिर रखना होता है, तो संभव है कि यही कारण है इस आसन का नामकरण शीर्षासन होने का / वैसे इस आसन को आसनों के रजा का पद भी दिया गया है तो ये भी एक वजह है इसके नामकरण की / शीर्षासन को 'कपाली आसन' 'वृक्षासन' और 'विपरीत करणी' भी कहा जाता है /
आईये बताते हैं इसे कैसे किया जाता है....
दो या चार बार तह किया हुआ कम्बल या चादर ज़मीन पर बिछा दीजिये / ध्यान रहे की अन्य योगासनों को करने में किसी भी चटाई या योगा mat की एक तह ही काफी होती है मगर शीर्षासन क्योकि सिर के बल किया जाता है तो हमें प्रयत्न करना है की कपाल यानि की skull की हड्डियों और मासपेशियों को कम से कम तनाव या क्षति पहुचे / वैसे भी योगासन करने का पहला नियम मेरे अनुसार तो यही है की किसी भी आसन को तभी तक किया जाना उचित है जब तक की सुविधा से या सहजता से वह हो जाए / जहाँ से या जिस स्थिति के पश्चात् अनुचित तनाव या दर्द महसूस होने लगे, उस स्थिति को फ़िलहाल के लिए आखिरी बिंदु मान लीजिये और उस के आगे आगले दिन ही जाईये /
हाँ तो हम इस आसन को करने के तरीके का आगे विस्तार करते हैं / तह किया हुआ कम्बल या चादर बिछाने के बाद अब दोनों घुटनों के बल बैठ जाएँ / दोनों हथेलियों की उँगलियों को परस्पर फसाकर उन्हें ज़मीन पर रखिये /
अब सिर को हथेलियों के बीच ज़मीन पर टिका दीजिये / ध्यान रहे की सिर का उपरी हिस्सा ज़मीन पर लगना चाहिए /
(check back tommorow for more)
Friday, September 14, 2007
The mantras chanted during performing SURYANAMASKAR
सुर्यनामस्कर करते समय निम्नलिखित प्रार्थना करने के बाद हर आसन के साथ सूर्यदेव के विभिन्न
नामो का उच्चारण करके उन्हें मन ही मन प्रणाम करें
While doing suryanamaskar,one should chant the following mantra/prayer and then at each specific posture one should chant the different sanskrit synonyms of sun,the lord.
The prayer
ll ध्येय: सदा सवितृ मंडल मध्यवर्ती
नारायण: सर्सिजासन संन्निविष्ट:
केयुर्वान मकर कुंडल वान किरीटी
हारी हिरण्यमयवपुर्धॄतशङख्चक्रः ll
हारी हिरण्यमयवपुर्धॄतशङख्चक्रः ll
Praising 12 Synonyms of The Sun in sanskrit
(all spellings correct)
ॐ मित्राय नम:
ॐ रवये नम:
ॐ सूर्याय नम:
ॐ भानवे नम:
ॐ खगाय नम:
ॐ पूष्णे नम:
ॐ हिरण्यगर्भाय नम:
ॐ मरीचये नम:
ॐ अदित्याय नम:
ॐ सवित्रे नम:
ॐ अर्काय नम:
ॐ भास्कराय नम:
good luck
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